Who is Mojtaba Khamenei? Supreme Leader of Iran – शनिवार को हुए हवाई हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद अब इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई इस दौड़ में सबसे आगे हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला।
दो ईरानी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई, जो अमेरिका-इजरायल के हवाई युद्ध में बच गए हैं, को ईरानी तंत्र अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देख रहा है।
मोजतबा एक ताकतवर मध्यम स्तर के धार्मिक नेता हैं। वह लंबे समय से उन सुधारवादियों के विरोधी रहे हैं जो पश्चिम से बातचीत करना चाहते हैं, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर।
क्यों हैं मोजतबा सबसे आगे?
जानकारों के मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी ताकत रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से उनके गहरे संबंध हैं। यही नहीं, वह पिछले कई सालों से अपने पिता के ‘दरबान’ (गेटकीपर) की भूमिका में थे, जिससे उन्होंने पर्दे के पीछे काफी प्रभाव बना लिया है।
अमेरिका में यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान संस्था के कसरा आराबी बताते हैं, ‘IRGC के अंदर, खासकर युवा कट्टरपंथी पीढ़ी में उनका काफी समर्थन है। उन्हें पहले से ही ‘मिनी सुप्रीम लीडर’ की तरह देखा जाता था। अगर वह जीवित हैं, तो उनके उत्तराधिकारी बनने की संभावना बहुत ज्यादा है।’
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जल्द होगा सुप्रीम लीडर ऑफ़ ईरान पर फैसला
इस बीच, नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करने वाली विशेषज्ञों की सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) के सदस्य अयातुल्ला अहमद खातमी ने राज्य टीवी से कहा है कि वे ‘किसी नतीजे के करीब’ हैं और जल्द ही फैसले का ऐलान कर देंगे। हालांकि उन्होंने किसी उम्मीदवार का नाम नहीं लिया।
अगर मोजतबा चुने जाते हैं, तो उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी:
- अमेरिकी प्रतिबंध: पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
- जनता का विरोध: ईरान की जनता ने पहले भी अपने अधिकारों और आजादी के लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं। सख्त कार्रवाइयों के बावजूद, वे फिर से सड़कों पर उतर सकते हैं।
कौन हैं मोजतबा? – Who is Mojtaba Khamenei?
मोजतबा का जन्म 1969 में मशहद शहर में हुआ था। वह ईरान-इराक युद्ध में लड़ चुके हैं। उन्होंने ईरान के धार्मिक शिक्षा केंद्र क़ुम में धार्मिक रूढ़िवादियों से शिक्षा ली है और उनके पास ‘होजतोलइस्लाम’ की धार्मिक उपाधि है।
दिलचस्प बात यह है कि इस्लामिक गणराज्य की सरकार में उन्होंने कभी कोई औपचारिक पद नहीं संभाला है, लेकिन उन्हें हमेशा से अपने पिता तक पहुंच का दरबान माना जाता रहा है। वह वफादारों की रैलियों में दिख जाते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से कम ही बोलते हैं।
उनकी यह भूमिका लंबे समय से विवाद का कारण रही है। आलोचक उस देश में राजवंशीय राजनीति के किसी भी संकेत को खारिज करते हैं, जिसने 1979 में अमेरिका समर्थित राजशाही को उखाड़ फेंका था।
पहले से अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 2019 में मोजतबा पर प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिका का कहना था कि वह अपने पिता के दफ्तर में काम करने के अलावा, बिना किसी सरकारी पद पर रहे, एक ‘आधिकारिक क्षमता’ में सुप्रीम लीडर का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।”
