Types of Headlights – अक्सर आप लोग सोचते होंगे की एक कार में न जाने कितनी तरह की लाइट्स होती है। आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि कार में कई तरह की लाइट्स लगी होती है। जो हमें रात में रोशनी देने के अलावा, दूसरे व्यक्ति को सड़क पर संकेत देने और सुरक्षा बढ़ाने का काम करती है। सबसे जरूरी लाइट हेडलाइट होती है वह भी कई प्रकार की होती है। आइए जानते हैं कि कार में कौन-कौन सी हेडलाइट कैसे काम करती है।
Types of Headlights
हेलोजन हेडलाइट (Halogen Headlight)
यह लाइट सबसे अधिक पुरानी और आम हेडलाइट है। इसमें जो एक छोटा बल्ब लगा होता है उसमें हेलोजन गैस होती है जो गर्म होकर के रोशनी देती है। यह टंगस्टन फिलामेंट और हेलोजन गैस के मिश्रण से काम करती है। यह लाइट कीमत में सस्ती पड़ती है और इसकी रोशनी पीली और कम रोशनी तक दिखाई देने वाली होती है। इन लाइट को बदलना आसान होता है और यह हर जगह आसानी से मिल जाती है।
एचआईडी हैडलाइट्स (HID Headlights)
इस हेडलाइट को जेनॉन हेडलाइट भी कहा जाता है। यह हेडलाइट हैलोजन की तुलना में कई गुना अधिक तेज रोशनी देती है। इसकी रोशनी आपको सफेद और नीली लाइट जैसी दिखाई देगी।इस HID हेडलाइट में Xenon गैस और दो इलेक्ट्रोड्स का इस्तेमाल होता है। जब हाई वोल्टेज करंट गैस से गुजरता है तो यह एक चमकदार आर्क पैदा करता है, जो बेहद तेज रोशनी देता है। यह लाइट हेलोजन की तुलना में महंगी होती है और इसकी रोशनी बहुत साफ और दूर तक जाती है। यह लाइट हेलोजन की तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा ब्राइटनेस देती है और 25 से 30 प्रतिशत कम बिजली खपत करती है।इसकी इंस्टालेशन में बैलास्ट और इग्नाइटर की जरूरत होती है
एलईडी हेडलाइट्स (LED Headlights)
वर्तमान समय में आपको नई कारों में सबसे ज्यादा दिखने वाली लाइट एलईडी हेडलाइट्स ही है।यह लाइट बिजली कम खाती है और जल्दी से गर्म नहीं होती है। इस लाइट की रोशनी चमकीली सफेद होती है जो कि लंबे समय तक चलती है और दिखने में स्टाइलिश लगती है।
मैट्रिक्स हेडलाइट्स (Matrix Headlights)
मैट्रिक्स हेडलाइट सबसे एडवांस्ड हेडलाइट है। जिसमें सेंसर और कैमरा लगा होता है जो सामने आने वाले व्हीकल को पहचानते हैं और उस हिसाब से लाइट की डायरेक्शन और स्पीड को बदलते हैं। यह लाइट कंप्यूटर कंट्रोल प्रोसेस पर काम करती है।इसे अडेप्टिव एलईडी लाइट भी कहा जाता है। यह लाइट दूसरी और गाड़ी में बैठे ड्राइवर को अंधा नहीं करती है बल्कि दूरी के हिसाब से वह रोशनी का एडजस्ट कर देती है। हमें अपनी कार में हाई बीम और लो बीम का जरूर ध्यान रखना चाहिए। इन लाइटों से सड़क एक्सीडेंट के मामले कम होते हैं।तेज लाइट्स की वजह से ड्राइवर सड़क पर देख नहीं पाता और हादसे की वजह बन जाता है।
