Karauli Blackmailing Case: आज के दौर में जब इंटरनेट की पहुंच हर व्यक्ति तक हो गई है, ऐसे में सोशल मीडिया अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया है. व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराधी आए दिन नए-नए तरीकों से अपने अपराध को अंजाम देने लग गए हैं. इसी सब में शामिल है ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जिसमें फ़स कर.कई मासूम अपना पैसा और यहां तक की जिंदगी भी गवा चुके हैं. ऐसे में मामला करौली के मामचारी थाना क्षेत्र का है जहां एक 20 वर्षीय युवक को एक छापे के दौरान पुलिस ने धर-दबोचा. पूछताछ में उस युवक का ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का रैकेट सामने आया है.
ब्लैकमेलिंग के आरोपी की हुई पहचान
पकड़ा गया ब्लैकमेलिंग करने वाला यह आरोपी 20 वर्ष का है और इसका नाम मनीष कुमार बताया गया है. मनीष करौली के कमरपुर का निवासी है और कमरपुर रोड स्थित एक घर से अपनी ब्लैकमेलिंगका काम किया करता था.
ब्लैकमेलिंग पे पुलिस का धावा
करौली के मामचारी थाना पुलिस को एक मुखबिर के माध्यम से आरोपी की सूचना मिली. दरअसल मामचारी पुलिस इन दोनों थाना अधिकारी कमलेश मीणा के नेतृत्व में विशेष अभियान चला रही है. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जब पुलिस कमरपुर रोड पर छापेमारी करने गई तो वहां एक संदिग्ध युवक मिला. पुलिस को देखते ही उसे युवक को घबराहट होने लगी और उसके बदले रवैया को समझते हुए पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया.
फोन से करता था ब्लैकमेलिंग
पुलिस ने पकड़े गए व्यक्ति का जब फोन खंगाला तो उसमें भर-भर के ब्लैकमेलिंग से संबंधित सामान जैसे फोटो और वीडियो प्राप्त हुई. बताया जा रहा है की अश्लील फोटो या वीडियो भेज कर आरोपी कई लोगों को ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाता था. समाज में अपनी इज्जत बचाने के लिए पीड़ित आरोपी मनीष के बताएं खाते में पैसे डाल दिया करते थे. पुलिस ने मनीष के पास से एक मोटरसाइकिल और एक स्मार्टफोन जब्त किया है.
ब्लैकमेलिंग की जांच करेगी अलग टीम
पकड़े गए युवक मनीष की जांच कैला देवी थाना अधिकारी ताराचंद्र के नेतृत्व में की जाएगी. आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस इस बात का अंदेशा लगा रही है कि जांच के दौरान अन्य कई आपराधिक गतिविधियों का भी खुलासा हो सकता है. पुलिस इस बात से इनकार नहीं कर रही है कि यह युवक किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है.
