US Viral News – अमेरिका एक ऐसा देश जो उत्तरी अमेरिका में स्थित एक देश है। यह देश अपनी सिक्योरिटी को लेकर बहुत ही सजग रहता है। वर्तमान में अमेरिका में लगभग 32 करोड़ की जनसंख्या है और सबसे बड़ा शहर न्यूयॉर्क है। इस देश के अंदर 70% से अधिक लोग ईसाई धर्म से ताल्लुक रखते हैं। आज हम इसी अमेरिका के एक शहर उत्तरी वर्जीनिया की बात करने जा रहे हैं। उत्तरी वर्जीनिया में रहने वाले एक डॉक्टर ने अपना पासपोर्ट रिन्यू करवाने की सोची और वह इसके लिए पासपोर्ट केंद्र जा पहुंचा तब जाकर पासपोर्ट ऑफिस वालों को पता चला कि जो व्यक्ति पासपोर्ट को रिन्यू करवाने के लिए आया है वह व्यक्ति अमेरिका का नागरिक ही नहीं है।
दरअसल अमेरिका के उत्तरी वर्जीनिया में एक हैरान कर देने वाला डॉक्टर का किस्सा सामने आया है। यह डॉक्टर जिनका नाम सियावश शोभानी है इनका जन्म भी अमेरिका में ही हुआ है। सियावश ने अपनी पूरी जिंदगी की शिक्षा दीक्षा यही अमेरिका से ही प्राप्त की है और वह इसी देश में पले पढ़े भी है। सियावश ने अमेरिका में तीस सालों तक एक डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस की है परंतु डॉक्टर को उस समय झटका लग जाता है जब उन्हें पता चलता है कि वह तो अमेरिका के नागरिक ही नहीं है।दरअसल डॉक्टर सियावश अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए पासपोर्ट ऑफिस पहुंचते हैं तो उन्हें अधिकारियों द्वारा बताया जाता है कि वह तो अमेरिका के नागरिक नहीं है उनकी नागरिकता ही खत्म कर दी गई है।
डॉक्टर शोभानी के लिए एक झटका था
शोभानी ने वाशिंगटन पोस्ट से बात करते हुए बताया कि यह बात मेरे लिए बिल्कुल एक झटके की तरह थी। क्योंकि में जीवन भर अमेरिका में ही रहा हूं यहीं पर डॉक्टर बना हूं और अमेरिका में ही टैक्स पे किया है यहां तक कि मैंने तो राष्ट्रपति के लिए मतदान भी किया है। डॉ शोभा ने बताया कि उन्होंने उत्तरी वर्जीनिया में अपनी समुदाय के लोगों की सेवा की है और कॉविड-19 के दौरान उन्होंने डॉक्टर होते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर अपने देश के लिए काम करते रहे और आज 61 सालों के बाद एक देश के पासपोर्ट ऑफिसर्स के द्वारा आपको यह कहा जाता है, ओह, गलती हो गई अब आप अमेरिकी नागरिक नहीं है तो सच में ही ये बहुत ही चौंकाने वाली बात है। शोभानी यहां तक कहा कि अमेरिका में रहते हुए भी उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए और ऑफिसर की गलती को ठीक करने के लिए $40,000 खर्च करने पड़ रहे हैं इसके बाद भी वह अभी तक अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं है।
डॉक्टर शोभानी ने कहा से की अपनी पढाई – लिखाई, जाने पूरी जानकरी
डॉक्टर शोभानी ने जार्जटाउन यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल से 1990 में ग्रेजुएशन किया है। साल 1994 में शोभानी ने जैक्सन मेमोरियल हॉस्पिटल से अपनी मेडिकल रेजिडेंसी पूरी की थी।डॉक्टर शोभानी ने 1997 से प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए बहुत से पेशेंट की मदद की है। डॉ शोभानी को Internal Medicine और Concierge and Executive Healthcare में महारथ हासिल है।शोभानी ने Praeventus Executive Health में चीफ मेडिकल ऑफिसर के रूप में टायसन कॉर्नर, वर्जीनिया में काम किया है। शोभानी को नॉर्दर्न वर्जिनिया मैगजीन के द्वारा सम्मानित किया गया था। साल 2015 से शोभानी वाशिंगटन के टॉप 100 डॉक्टर की लिस्ट में लगातार चुने जा रहे हैं।
डॉक्टर शोभानी ने एक रिपोर्ट में कहा कि उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। डॉ शोभानी ने फरवरी में ही नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि इस प्रक्रिया में उन्हें कोई भी कठिनाई का सामना नहीं करना होगा क्योंकि पहले भी उन्हें पासपोर्ट रिन्यू कराने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ा था। हालांकि इस बार उन्हें पासपोर्ट ऑफिस के द्वारा नया पासपोर्ट नहीं दिया गया। इसके बदले में डॉक्टर शोभानी को अमेरिकी विदेशी विभाग से एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें यह कहा गया था कि उन्हें उनके जन्म के समय अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्हें अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जाने के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है वह यह है कि शोभानी के पिता ईरान के दूतावास में एक राजनयिक थे। इस पत्र के माध्यम से डॉक्टर को यह भी बताया गया कि वह एक वेबसाइट के जरिए अपने वैध स्थाई निवास के लिए आवेदन कर सकते हैं।
