China Hypersonic Missile:-चीनी वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक का परीक्षण किया है जिसने उनकी सेवा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीकी को अमेरिकी सेना की तकनीकी से आगे कर दिया है। बीजिंग के वैज्ञानिकों की यह तकनीक दुनिया को हाइपर सोनिक मिसाइल के अलग युग में ले जाने की क्षमता रखती है जो अमेरिकी तकनीकी से बेहतर है। साउथ चीन की रिपोर्ट के अनुसार हाइपरसोनिक मिसाइल स्टील्थ विमान को ट्रैक करने और मार गिराने के लिए कुछ अलग सुविधाओं के साथ बनाई गई है।
चीन की रिपोर्ट के अनुसार दो हफ्ते पहले अमेरिकी वायु सेना के सुपर सीक्रेट B-21 रेडर स्टील्थ बमवर्षक विमान ने कैलिफोर्निया में चुपचाप पहली उड़ान भरी तब कहा गया कि भविष्य में चीन के साथ टकराव में पेंटागन हवाई लड़ाई में बाजी मार सकता है लेकिन अब दो हफ्ते बाद चीन के शोधकर्ताओं ने दावा किया है, कि इस अमेरिकी बमवर्षक विमान को चीन की हाइपरसोनिक मिसाइल द्वारा गिराया जा सकता है।
चीन के पास है बेहतरीन हाइपरसोनिक मिसाइल?
चीन के जखीरा में कई शानदार हाइपरसोनिक मिसाइल हैं। चीन ने इसी साल 6500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हमला करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है यह मिसाइल DF 27 हाइपरसोनिक मिसाइल है। यह मिसाइल 12 मिनट में ही 2000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर सकती है।
दुनिया का सबसे ज्यादा खतरनाक है यह B-21 रेडर
रेडर B-21 विमान छठे जेनरेशन का इकलौता एयरक्राफ्ट है चीन ,रूस ,ब्रिटेन और फ्रांस जैसे बड़े देश इस तकनीकी पर काम कर रहे हैं। जबकि रेडर अमेरिकी वायु सेना में शामिल हो चुका है दुनिया के सबसे खतरनाक और एडवांस एयरक्राफ्ट B-21 अमेरिकी वायु सेवा के बेड़े में शामिल हो गया है। फ्रांस के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल से भी एडवांस इस एयरक्राफ्ट को 2 दिसंबर को लांच किया गया।अधिकारियों के मुताबिक इस विमान ने साल 2023 में अपनी पहली उड़ान भरी इसके बाद अमेरिकी वायुसेना दुनिया के किसी भी कोने में हमला करने में सक्षम हो जाएगी।
ऐसे माना जा रहा था कि दुनिया में अभी तक ऐसा कोई रडार नहीं है। जो रेडर B21 को पकड़ पाए इसका सॉफ्टवेयर इतना अपग्रेड है कि बिना भनक लगे किसी भी देश में हमला करके लौट आने में सक्षम है। यह लड़ाकू विमान अमेरिकी एयरफोर्स के B1और B2 ग्रुप के एयरक्राफ्ट का अपडेटेड वर्जन है।
चीन की हाइपरसोनिक मिसाइल व अमेरिका का B21 रेडर दोनों में कौन है सर्वोत्तम?
साउथ चीन मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी अनुसंधान टीम ने यह देखने के लिए दोनों प्रतिद्वंदियों के बीच एक आभासी द्वंद का मंचन किया है कि अगर भविष्य में हवाई युद्ध हुआ तो कौन जीत सकता है इस वर्चुअल वार में पता चला की उन्नत हार्डवेयर और नई रणनीति के कारण चीनी हाइपरसोनिक मिसाइल दुश्मन की विमान का पता लगा सकती है।
चीन पर अमेरिका की नजर

इस युद्ध में चीन की हवा में मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल ने B21 स्टील्थ विमान और उसके साथी ड्रोन को मार गिराया जो मैक 6 की शीर्ष गति तक पहुंच सकता था बता दे की B21 रेडर 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की उड़ान भरने में सक्षम है। इस चीनी सेना के साथ संभावित लड़ाई में अमेरिकी वायु सेना की पेनेट्रेटिंग काउंटर एयर (PCA) रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया गया है।
अमेरिकी सेना की PCA रणनीति चीन की वायु रक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। जो जमीन समुद्र या हवाई प्लेटफार्म पर आधारित रडार चेतावनी प्रणालियों पर बहुत अधिक निर्भर है। पेंटागन के दागों के मुताबिक कथित तौर पर अगली पीढ़ी के अमेरिकी परमाणु स्टील्थ बॉम्बर का रडार एक मच्छर जितना छोटा हो सकता है।
SCMP की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में यह दुश्मन की सीमा से काफी पीछे रहकर चीन के तट पर बड़ी संख्या में मिसाइल गिरा सकता है। इस पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का मुख्य रक्षा ढांचा ध्वस्त हो सकता है रिपोर्ट में कहा गया है कि नए अमेरिकी बमवर्षक 2030 के दशक में परमाणु निरोध त्रय, जिसमें साइलो-लॉन्च परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल और पनडुब्बी लॉन्च किए गए हथियार शामिल है। जिसमें अपनी भूमिका निभा सकते हैं जैसे चीन अपने परमाणु शस्त्रागार का निर्माण कर रहा है।
B21 के विकास ने चीन को नई तकनीकी के साथ जवाबी उपाय करने के लिए मजबूर कर दिया चीन 2035 तक 1500 परमाणु हथियार बनाने की राह पर है। वह हाइपरसोनिक साइबर युद्ध और अंतरिक्ष क्षमताओं में बड़ा बनाने की जगत में है जो अमेरिकी सुरक्षा तंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
चीन की हाइपरसोनिक मिसाइल
चीन की हाइपरसोनिक मिसाइल अमेरिकी स्टील्थ विमानों को ट्रैक करने और मार गिराने के लिए विशेष सुविधाओं के साथ बनाई गई है। रिसर्च टीम ने कहा चीनी मिसाइलें नए ठोस ईंधन “पल्स इंजन” का उपयोग कर सकती है जो पूरी उड़ान के दौरान इच्छा अनुसार बिजली उत्पादन को समायोजित कर सकता है। इसके अलावा मिसाइल पहले अंतरिक्ष के निकट तक जा सकती है और फिर दुश्मन की विमान पर बेहद तेज गति से नीचे आ सकती है।
