Trump Warns Iran Get Serious or Face Disaster – मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान से बातचीत हो रही है, जबकि ईरान इन दावों को लगातार खारिज कर रहा है। अब ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्हें जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी और फिर वापसी का रास्ता नहीं बचेगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, “जो लोग ईरान की ओर से बातचीत कर रहे हैं, वे बहुत अजीब हैं। वे हमसे समझौता करने की ‘मिनतें’ कर रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि उनकी सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वापसी का कोई मौका नहीं है।”
ट्रंप ने आगे लिखा, “फिर भी वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को ‘देख रहे हैं।’ यह गलत है, उन्हें जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी। जब ऐसा होगा तो वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा और हालात अच्छे नहीं होंगे।”इससे पहले बुधवार को भी ट्रंप ने दावा किया था कि “ईरान बातचीत के लिए मानने से डरता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे।”
अमेरिका का 15 सूत्रीय पीस प्लान
28 फरवरी को जब यह युद्ध शुरू हुआ था, तब अमेरिका और इजरायल को उम्मीद थी कि उनकी सैन्य ताकत ईरान को जल्दी गिरा देगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान की मदद से ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव दिया।
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इजरायल के चैनल 12 नेटवर्क के मुताबिक, इस प्लान में निम्नलिखित शर्तें शामिल थीं:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म किया जाए
- बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को रोका जाए
- यमन में हूती और लेबनान में हिज्बुल्लाह जैसी “प्रॉक्सी मिलिशिया” को समर्थन बंद किया जाए
बदले में ईरान को क्या मिलता?
- आर्थिक प्रतिबंधों में राहत
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कुछ हद तक शेयर्ड कंट्रोल
यह योजना उन प्रस्तावों जैसी थी, जो अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने गाजा और यूक्रेन की शांति वार्ताओं में इस्तेमाल किए थे।
ईरान का रुख क्या है?
अमेरिका के इस प्रस्ताव को ईरान ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने यह जरूर कहा था कि ईरान के टॉप लीडर ‘अलग-अलग प्रस्तावों’ पर विचार कर रहे हैं। बाद में ईरान की ओर से पांच शर्तें सामने आईं, जिन पर वह बातचीत के लिए तैयार है।ईरान लगातार यह भी कह रहा है कि अमेरिका की उससे कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी वजह से ट्रंप को ‘बातचीत’ के रास्ते पर आना पड़ा है।
