Sikar Nagar Parishad in action: सीकर शहर के राधाकिशनपुरा इलाके में कभी भी बुलडोजर कार्यवाही की जा सकती है. यह कार्यवाही सीकर नगर परिषद द्वारा की जा रही है. हाल ही में हाई कोर्ट के आए एक फैसले ने सीकर नगर परिषद को तुरंत अतिक्रमण पर कार्यवाही करने के लिए आदेश दिया था. इसके बाद नगर परिषद की टीम मौके पर अतिक्रमणों का मुआयना करने भी पहुंची पर उसे स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा. नगर परिषद की टीम ने अतिक्रमण पर निशान लगा दिए हैं और कई लोगों ने तो खुद ही ने अपने अतिक्रमणों को हटाने का काम प्रारंभ भी कर दिया है.
नगर परिषद ने दिया था नोटिस
सीकर नगर परिषद के एक अफसर में बताया कि राधाकिशनपुरा इलाके के लोगों को बहुत पहले ही नोटिस जा चुके हैं. इसके बाद ही नगर परिषद ने 3 जनवरी 2025 को मकान मालिक को अपने-अपने अतिक्रमण हटाने के लिए 3 दिन का समय और दिया था जो अब पूरा हो चुका है. नगर परिषद का कहना है की सारी कार्यवाही नियमों को ध्यान में रखते हुए ही की जा रही हैं.
नगर परिषद द्वारा सड़क को कराना है मुक्त
पूरी कार्यवाही एक आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए की जा रही है. दरअसल सीकर के सीएलसी होते हुए आरटीओ रोड पर जाने वाला आम रास्ता राधाकिशनपुरा इलाके में कई जगहो पर अतिक्रमण की जद्द में है. करीब करीब डेढ़ दर्जन मकान और दुकान को हटाया जाना है.
वैध और अवैध पट्टों की है लड़ाई
नगर परिषद द्वारा आम रास्ते को 22 फीट का बताकर अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि यह रास्ता 19 फीट का ही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास उनके मकान और दुकानों के पट्टे हैं जो कि नगर परिषद ने खुद ने जारी करे थे और इन पट्टों में यह आम रास्ता 19 फीट का ही है.
निर्माण से पहले करनी चाहिए जांच
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब भी किसी जमीन को खरीदा या फिर उसे पर निर्माण किया जाता है, इन सभी कार्यों से पहले जमीन की वैधता की जांच करा लेनी चाहिए. यह जांच आधिकारिक जगह से ही करानी चाहिए. ऐसे लोग आपको सही तरह से जमीन पर नगर परिषद या नगर निगम द्वारा प्रस्तावित किसी सड़क या अन्य सुविधा की मौजूदगी को देख कर अवगत करते हैं.
