RBSE Topper – मेहनत और लगन जब साथ हो तो कोई भी मुश्किल छोटी हो जाती है। यह साबित कर दिखाया है राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में जयपुर के उन होनहार छात्रों ने, जिनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पेंटर की बेटियों ने न सिर्फ 95 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पैसे नहीं, बल्कि सिर्फ जज्बा चाहिए। ये छात्र आज पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गए हैं।
पेंटर की बेटियां बनीं मिसाल
भांकरोटा की रहने वाली तीन बच्चियों ने भी RBSE 10वीं में 95% से ज्यादा अंक हासिल कर सभी को प्रेरित किया है। इन तीनों के पिता पेशे से पेंटर हैं।
प्रिया सूत्रकार: 96.88% के साथ इंजीनियर बनने का सपना
प्रिया सूत्रकार ने 96.88% अंक हासिल किए। उनके पिता जगदीश सूत्रकार पेंटर हैं। प्रिया ने बताया, “हम चचेरी बहनें हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। हम दोनों में बेहतर करने का कंपटीशन था, जो हमने कक्षा 8 के बाद से शुरू कर दिया था।”
उन्होंने बताया कि उनके परिवार में 11 सदस्य हैं। पिछले साल उनके चाचा का देहांत हो गया था, जिसके बाद चाचा का परिवार और उनका परिवार एक साथ रहता है। आर्थिक संकट के बावजूद पिता ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। प्रिया आईआईटी करके इंजीनियर बनना चाहती हैं।
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सोनम सूत्रकार: बीमार दादा की सेवा और पढ़ाई में रखा संतुलन
सोनम सूत्रकार ने 95% अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा के दौरान उनके दादाजी की तबीयत काफी खराब थी। ऐसे में पढ़ाई के साथ उनकी पहली जिम्मेदारी दादाजी की तबीयत की देखभाल करना भी थी।
उन्होंने कहा, “मेरे पिता पेशे से पेंटर हैं। उनके सपने सच करने के लिए मैंने कुछ बड़ा करने की ठानी थी। अपनी चचेरी बहन के साथ पढ़ाई में कंपटीशन जारी रखा, जिसकी बदौलत हम दोनों ने 95% से ज्यादा अंक हासिल किए।” सोनम बैंकिंग जॉब करना चाहती हैं।
जया धानका: पेंटर पिता का सपना, बनना है IPS अधिकारी
जया धानका ने 10वीं बोर्ड में 94.70% अंक हासिल किए। उनके पिता भी पेंटर हैं। जया ने बताया, “मैं ज्वाइंट फैमिली में रहती हूं। परिवार में कोई पढ़ा-लिखा सदस्य नहीं है। सिर्फ चाचा ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसलिए मैंने तय किया था कि पढ़-लिखकर परिवार का नाम रोशन करूंगी।”
उन्होंने कहा, “10वीं में यह परसेंट मेरे लिए एक शुरुआत है। भविष्य में IPS अफसर बनकर पिता का नाम रोशन करना चाहती हूं।”
