Kota Nata Canal: कोटा में आए दिन नहर में डूबने की खबर आती ही रहती है, ऐसी ही एक खबर कोटा के नाता थाना क्षेत्र से आई है. कोटा के नाता इलाके में चंबल की बाई मुख्य नहर जिसे नाता नहर भी कहा जाता है वह बहती है. खबर के अनुसार शुक्रवार 3 जनवरी 2025 को शाम 4:00 से 5:00 बजे के बीच दो भाई नाता नहर में बह गए. सूचना मिलने पर नगर निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई और तलाश अभियान जारी कर दिया.
स्थानीय लोगों ने जब दोनों को नहर में डूबते देखा तो कई लोग मदद के लिए किनारे पर पहुंचे. छोटे भाई को तो जैसे तैसे बचा लिया गया पर बड़ा भाई नहर के बहाव में बह गया. बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों को तैरना नहीं आता था. दोनों युवक हाथ पैर धोने के लिए नहर के करीब पहुंचे थे, इसी दौरान बड़े भाई महेंद्र का पैर फिसल गया और वह नहर में डूबने लगा और उसे बचाने के लिए छोटा भाई लोकेश भी नहर में कूद पड़ा.
बूंदी के निवासी है दोनों भाई
दोनों युवक भाइयों की पहचान कर ली गई है. बड़ा भाई महेंद्र (23) और छोटा भाई लोकेश दोनों बूंदी के रहने वाले हैं. इनका निवास स्थान दुगाड़ी बस्ती थाना देइ जिला बूंदी है. दोनों भाई कोटा के गिरधरपुरा इलाके में किराए का कैमरा लेकर रहते थे और मजदूरी का कार्य किया करते थे.
नाता नहर स्थानीय SHO ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने पर स्थानीय SHO नवल किशोर शर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए. SHO ने बताया कि सूचना मिलने पर निगम से रेस्क्यू टीम को तुरंत बुला लिया गया और तलाशी अभियान जारी कर दिया गया. रेस्क्यू अभियान लगभग 2 किलोमीटर की दूरी तक चलाया गया जिसमें डेढ़ घंटे का समय लग गया. अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू अभियान शनिवार 4 जनवरी 2025 की सुबह तक स्थगित कर दिया गया था.
नता नहर की झाड़ियां में फंसा मिला शव
शनिवार 4 जनवरी 2025 सुबह की बात है जब रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया गया था और इसी दौरान घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर मृतक लोकेश का शव झाड़ियां में फंसा पड़ा मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भिजवा दिया है.
ठंडे पानी में मुश्किल होता है रेस्क्यू ऑपरेशन
नगर निगम के गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि सर्दियों के इस समय रेस्क्यू ऑपरेशन करना काफी मुश्किल होता है. ज्यादा देर पानी में रहने के कारण हार्ट अटैक का खतरा हमेशा बना रहता है, ऊपर से अंधेरे में कुछ भी ढूंढना या देखना काफी मुश्किल भरा रहता है.
