Chandra Grahan – आज साल 2023 का अंतिम चंद्र ग्रहण और शरद पूर्णिमा भी है। आपको बता दे, कि ये चंद्र ग्रहण संपूर्ण भारत में नजर आने वाला है। ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले यानी कि आज शाम 4 बजे सूतक लग जाएगा जिससे देश के सभी प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे और ग्रहण के पश्चात ही पूजा की जाएगी। प्रसिद्ध पंडित कुंदन भारद्वाज के अनुसार चंद्र ग्रहण आज मध्य रात्रि को 1 बजकर 5 मिनट से 2 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सूतक लगने के बाद मंदिरों के द्वारा ग्रहण मोक्ष के बाद ही खुलेंगे और अभिषेक पूजा होगी।
अयोध्या नगरी के प्रसिद्ध श्री राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के मुख्य अचार आचार्य सत्येंद्र दास जी ने बताया की 28 अक्टूबर की शाम 4 बजे से सूतक लग जाएगा। इसके बाद दूसरी पाली में 2 बजे मंदिर के पट खोलकर व 3:30 बजे से आरती पूजा व भोग लगाकर मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद रविवार से सुबह निर्धारित समय अवधि के अनुसार ही रामलला के दर्शन नियमित रहेंगे। श्रीरामवल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज के अनुसार सूतक लग जाने के कारण जब मंदिर के पट बंद हो जाएंगे तो उत्सव मनाया जाना संभव नहीं हो पाएगा। उनके अनुसार पूर्णिमा के दिनों में 16 कलाओं से युक्त पूर्ण चंद्रमा का दर्शन करके उत्सव मनाया जाता है। इस दिन चांद की किरणों से अमृत की वर्षा होती है लेकिन अभी चंद्रमा ग्रहण से ग्रसित है तो फिर उत्सव मनाया जाना उचित नहीं है।
चंद्रग्रहण में क्या करें और क्या नहीं करें?
ग्रहण के शुरू होने से पहले यह करें
- ग्रहण शुरू होने से पहले अपने आप को शुद्ध करना अच्छा माना जाता है इसीलिए ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान कर लेना चाहिए।
- ग्रहण काल की अवधि के दौरान मंत्र जाप करें या फिर ध्यान केंद्रित करें।
- ग्रहण काल की अवधि के दौरान अपने इष्ट देवता और देवी की पूजा अर्चना करना भी शुभ माना जाता है।
- चंद्र ग्रहण की अवधि के दौरान दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है और ग्रहण खत्म होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान योग व प्राणायाम जैसी आध्यात्मिक गतिविधियों में संलग्न रहे इससे आपका स्वास्थ्य और मन की शुद्धि होगी।
- ग्रहण काल की अवधि खत्म होने के बाद एक बार फिर से स्नान करना चाहिए। कहा जाता है ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- ग्रहण काल की अवधि के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डाल कर रखना चाहिए।
- ग्रहण काल की अवधि के दौरान आप धार्मिक ग्रंथ पढ़ सकते हैं।
चंद्रग्रहण के समय इन कार्यों से बचे
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन या पानी का सेवन नहीं करना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति का पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है जिसके कारण उसके बीमार होने की संभावना ज्यादा बनी रहती है।
- चंद्र ग्रहण की अवधि के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य या फिर नया काम नहीं करना चाहिए ऐसा करने से उसमें असफलता मिलती है।
- चंद्र ग्रहण के दौरान दांतों की सफाई करना, नाखून काटना या बालों में में कंघी करना आदि अशुभ माना जाता है यहां तक की चंद्र ग्रहण के दौरान सोना भी नहीं चाहिए।
- चंद्र ग्रहण की अवधि के समय धारदार चीजों या फिर चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ऐसा करने से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- ग्रहण की अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान –
- मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ग्रहण काल में प्रकृति में कई तरह के अशुद्ध और हानिकारक किरणें प्रभाव छोड़ती है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान यह कार्य नहीं करने चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान चाकू, सुई या धारदार चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल के दौरान ग्रहण को खुली आंखों से ना देखें।
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान स्नान नहीं करना चाहिए उसे ग्रहण समाप्ति के पश्चात ही स्नान करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय गुरु द्वारा दिए गए मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
