Kota Jaipur Highway Road Accident: शनिवार 4 जनवरी 2025 को देर रात जयपुर कोटा हाईवे पर हुआ एक भीषण सड़क हादसा जिसमें दो नवयुवकों की मौके पर ही गई जान जबकि दो हुए गंभीर रूप से घायल. बताया जा रहा है कि हादसा रात्रि 3:00 बजे हुआ है. घटना कोटा जयपुर हाईवे के तालेड़ा थाना क्षेत्र की है.
जयपुर कोटा हाईवे पर खाना खाने गए थे युवक
बताया जा रहा है कि चार नवयुवक शैलेंद्र कटारिया (24), दिव्यांशु मीणा (22), अमन शर्मा और शाहनवाज चारों दोस्त थे. चारों युवक रात्रि 12:00 बजे के करीब कोटा जयपुर हाईवे पर तालेड़ा के पास एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गए थे. वापस कोटा की तरफ लौटते वक्त रात्रि के 3:00 बजे राधिका रिसोर्ट के पास यह हादसा हुआ.
जयपुर कोटा हाईवे पर पीछे से आ रही गाड़ी ने मारी टक्कर
चारों युवक सियाज कार में सवार थे जब जयपुर से तेजी से आ रही एक ट्रैवलर ने पीछे से उनकी कर पर जोरदार टक्कर मारी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि सियाज कार पलटी खाते हुए पास के खेत में जा गिरी. ट्रैवलर में बैठी सवारियों को भी मामूली चोटे आई है, जबकि ट्रैवलर का ड्राइवर मौके से फरार हो गया है.
ग्रामीण और राहगीरों ने दी सूचना
हादसे के बाद आसपास मौजूद राहगीर और ग्रामीणों ने पुलिस को तुरंत सूचना दी. क्षतिग्रस्त कार में शैलेंद्र कटारिया अमन शर्मा और शाहनवाज मिले जिन्हें तुरंत एमबीएस अस्पताल में एंबुलेंस द्वारा भिजवा दिया गया. इनमें से शैलेंद्र कटारिया को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया जबकि बाकी शाहनवाज और अमन का अभी भी इलाज जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
दोबारा बुलाया गया पुलिस को
हादसे के 7 घंटे बाद रविवार सुबह 10:00 बजे ग्रामीणों की सूचना पर फिर से पुलिस को बुलाया गया क्योंकि इस बार घटनास्थल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर झाड़ियां में दिव्यांशु मीणा का शव प्राप्त हुआ जहां से उसे एमबीएस अस्पताल में भेज दिया गया. तालेड़ा थाना एएसआई देशराज गुर्जर नहीं बताया कि ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कार्यवाही की जा रही है.
साधारण परिवार से हैं मृतक
शैलेंद्र कटारिया के बड़े भाई हिमांशु कटारिया ने बताया कि रात को शैलेंद्र खाना खाने निकला था और जब खबर आई तब उसका शव मिला. शैलेंद्र ने 12वीं तक पढ़ाई की थी और उसे एक जॉब की तलाश थी. शैलेंद्र के पिता की मृत्यु हो चुकी है. अब घर में हिमांशु, उनकी पत्नी और माँ ही है. शैलेंद्र कोटा की जेपी कॉलोनी का निवासी था जबकि दिव्यांशु कोटा की सरस्वती कॉलोनी का निवासी था. दिव्यांशु ने दसवीं तक पढ़ाई करी है और वह जयपुर में जॉब करता है. दिव्यांशु के भी पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसकी मां आंगनवाड़ी में नौकरी करती है.
