Jaipur Delhi Highway: घटना शनिवार 4 जनवरी 2025 की है जब आमेर थाना इलाके के नई माता मंदिर क्षेत्र में दिल्ली जयपुर हाईवे पर एक ट्रोला किनारे खड़े युवक पर पलट गया जिस कारणवश युवक की मौके पर ही मौत हो गई. कुछ ही देर में युवक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए.
घटना करीब सुबह 9:15 बजे की है जब जयपुर की तरफ से एक रोड़ी से भरा ट्रोला आ रहा था. ट्रोला चालक ने दिल्ली जयपुर हाईवे पर एक कट देखकर यू-टर्न लेने लगा और वापिस जयपुर की तरफ मुड़ने का प्रयास करने लगा. इसी दौरान बाबूलाल सैनी (33) अपनी बाइक पर सवार होकर रोजाना की तरह नौकरी पर जयपुर शहर की ओर जाने लगा. रास्ते में बाबूलाल को यू-टर्न लेता ट्रोला नजर आया तो उसने तुरंत अपनी बाइक सड़क किनारे साइड में खड़ी करी और ट्राली के मुड़ने का इंतजार करने लगा. एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार जब ट्रोला घूम रहा था तभी अचानक से वह पलट गया और उसके नीचे बाबूलाल अपनी बाइक समेत दब गया.
स्थानीय लोगों ने सुनी धमाके की आवाज
जैसे ही ट्रोला जमीन पर गिरा वैसे ही एक भयानक धमाके की आवाज हुई. आवाज सुनकर आसपास के लोग ट्रोले की तरफ भागे और देखते हैं की एक युवक ट्रोले के नीचे दबा हुआ है, यह देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया. बाद में स्थानीय लोगों और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रोले के नीचे से बाबूलाल सैनी को निकाला गया, परंतु बाबूलाल सैनी की तो मौके पर ही मौत हो चुकी थी. बाद में क्रेन को बुलाकर ट्रोले को साइड में किया गया.
घटनास्थल दिल्ली जयपुर हाईवे पर पहुंचे परिवारजन
घटनास्थल मृतक के घर से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर ही है. बताया जा रहा है कि मृतक बाबूलाल सैनी पेटला की ढाणी क्षेत्र का निवासी है. युवक का आईडी कार्ड देखकर परिवार जनों को घटना के बारे में सूचित किया गया. सूचना मिलते ही मृतक के परिवारजन घटनास्थल पर पहुंच गए. मृतक के चचेरे भाई लालाराम सैनी के अनुसार उनका भाई रोज की तरह नौकरी पर जा रहा था. बाबूलाल जयपुर में मजदूरी का काम करता था.
परिवारजन बैठे धरने पर
मृतक बाबूलाल सैनी का शव ले जाने से परिवार ने मना कर दिया और अपने कुछ समर्थक जनों के साथ शव को लेकर दिल्ली जयपुर हाईवे पर धरने पर बैठ गए. परिवारजन सरकार से एक करोड रुपए मुआवजे की मांग कर रहे हैं साथ ही साथ मृतक की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग रखी गई है. बताया जा रहा है कि मृतक बाबूलाल के घर में उसकी मां पत्नी और तीन बच्चे हैं. परिवार चलाने की जिम्मेदारी बाबूलाल सैनी पर ही थी जिसके जाने के बाद परिवार का भविष्य खतरे में आ गया है.
