Iran to US Welcome to Hell – मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। अमेरिका के ईरान में जमीनी हमले की आशंका के बीच ईरान ने सख्त चेतावनी दी है। भारत में ईरान के दूतावास ने तेहरान टाइम्स के एक खास अखबार का पेज शेयर करते हुए लिखा – ‘जहन्नम में तुम्हारा स्वागत है।’ इस पेज के शीर्षक में भी यही लिखा है और साथ में साफ कहा गया है कि ईरान की जमीन पर पैर रखने वाले अमेरिकी सैनिक सिर्फ ताबूतों में ही लौटेंगे।
तेहरान टाइम्स ने क्या लिखा?
तेहरान टाइम्स के इस खास एडिशन का मुख्य पेज काफी चर्चा में है। इसकी हेडलाइन है – ‘जहन्नम में तुम्हारा स्वागत है।’ साथ में लिखा है, “ईरान की जमीन पर पैर रखने वाले अमेरिकी सैनिक सिर्फ ताबूतों में ही लौटेंगे।” भारत में ईरान के दूतावास ने इसे शेयर करते हुए यह संदेश दिया है कि ईरान किसी भी जमीनी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
ईरान के संसद अध्यक्ष ने क्या कहा?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि दुश्मन सार्वजनिक तौर पर बातचीत के संकेत देता है, जबकि पर्दे के पीछे जमीनी हमले की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका 15 बिंदुओं की एक सूची के साथ अपनी वे इच्छाएं सामने रख रहा है, जिन्हें वह युद्ध से हासिल नहीं कर पाया।
गालिबाफ ने यह भी कहा कि ईरानी सेनाएं अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रही हैं, ताकि उन पर आग बरसाई जा सके। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ‘अपमान’ स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिकी जमीनी हमले की तैयारी?
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक जमीनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे मंजूरी देते हैं, तो यह युद्ध का एक नया और ज्यादा खतरनाक चरण होगा।
यूएसएस त्रिपोली पहुंचा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली इस क्षेत्र में पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर बताया गया है कि इस यूनिट में 5000 नाविक और नौसैनिक तैनात हैं।
कैसी होगी जमीनी कार्रवाई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरे पैमाने पर हमला नहीं होगा, बल्कि स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज और पैदल सेना के मिले-जुले दस्तों के छापेमारी अभियान होंगे। 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पैराट्रूपर्स को अलर्ट पर रखा गया है और और सैनिक भेजने पर भी चर्चा हो रही है।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
इन हालातों के बीच मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्री पाकिस्तान में मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा करने के लिए जुटे हैं। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी की पेशकश की थी।
