ईरान-इजरायल जंग ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। अब यह युद्ध सीधे तौर पर खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है। दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र पर मिसाइल हमला कर दिया है, जिससे वहां भारी तबाही हुई है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया। कतर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने बताया कि बुधवार को हुए इस मिसाइल हमले से उसके मुख्य गैस प्लांट में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद कतर ने ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है।
ईरान की धमकी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर दोबारा हमला हुआ, तो वह खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर देगा। उन्होंने कहा, ‘हम आपको एक बार फिर चेतावनी देते हैं कि आपने इस्लामी गणराज्य के ऊर्जा ढांचे पर हमला करके बड़ी गलती की है। अगर इसे दोहराया गया, तो आपके और आपके सहयोगियों के ऊर्जा ढांचे पर हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उसे पूरी तरह नष्ट नहीं कर दिया जाता।
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अमेरिका और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
इजरायल ने साउथ पार्स हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन को इसकी जानकारी थी, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं था। वहीं सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने अपने पूर्वी इलाके में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर भेजे गए ड्रोन को मार गिराया। एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा रियाद के दक्षिण में एक रिफाइनरी के पास गिरा।
तेल के दाम उछले
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने से पहले ही बढ़े हुए तेल के दाम गुरुवार को फिर उछल गए। अमेरिकी कच्चे तेल के प्रमुख सूचकांक में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
