Iran Israel War – ईरान और इजरायल के बीच जंग अब 19वें दिन में दाखिल हो गई है और हर गुजरते दिन के साथ यह और भी भयानक रूप लेता जा रहा है। तेहरान पर हुए इजरायली हमले में ईरान के दो सबसे बड़े नेताओं की मौत हो गई। वहीं ईरान ने भी इजरायल पर क्लस्टर बम दागकर बदले की कसम खाई है। इस बीच भारत ने ईरान को मानवीय सहायता भेजी है। आइए जानते हैं पूरा अपडेट।”
युद्ध अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल ने तेहरान में हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के सुरक्षा प्रमुख और खामेनेई के करीबी अली लारिजानी और बसीज बलों के कमांडर गुलारजा सुलेमानी मारे गए। इसके बाद पूरे तेहरान में मातम छा गया।
ईरान का जवाब – (Iran Israel War)
ईरान ने अपने नेताओं की हत्या का जवाब इजरायल पर मल्टी वॉरहेड वाली मिसाइलें दागकर दिया है। ईरान ने कहा है कि वह अपने लीडर्स का बदला लेकर रहेगा।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- मंगलवार को दुबई और दोहा में कई धमाकों की खबरें आईं।
- बगदाद में अमेरिकी दूतावास को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
- सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयरबेस के पास एक बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्ट की गई।
- संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल हमलों में 1300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
- HRANA के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 1858 तक हो सकती है।
- लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमलों के बाद इजरायली हमलों में 773 लोगों की मौत।
खामेनेई ने ठुकराया समझौता
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया है। दो देश अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे थे, लेकिन उनके प्रस्ताव को मोजतबा ने ठुकरा दिया।
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भारत ने ईरान को भेजी मदद
भारत ने इस संकट की घड़ी में ईरान को मानवीय सहायता भेजी है। इसमें दवाइयां, मेडिकल उपकरण, सर्जिकल किट, एंबुलेंस का सामान, डॉक्टरों की मदद और खाद्य सामग्री शामिल है। ईरान के दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर भारत का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक बैंक खाते के जरिए ही योगदान करें और अनौपचारिक QR कोड या UPI लिंक पर भरोसा न करें।
रियाद में आज अहम बैठक
आज रियाद में अरब देशों की अहम बैठक होने वाली है, जिसमें इस युद्ध को खत्म करने पर चर्चा होगी। अरब देश इस युद्ध को खत्म करने की मांग करने वाली लगभग अकेली आवाज बन गए हैं। हालांकि ईरान और अरब देश इस संघर्ष में अलग-अलग पक्षों में हैं, लेकिन दोनों मानते हैं कि यह युद्ध लगातार फैलता जा रहा है और इसे रोकना जरूरी है।”
