हर साल लाखों की संख्या में युवा यूपीएससी की तैयारी करते हैं और वह चाहते हैं कि वह आईएएस, आईपीएस,आईएफएस जैसे पद हासिल कर सके। यूपीएससी की परीक्षा को पास करना इतना आसान भी नहीं होता इसे क्लियर करने के लिए दिन-रात एक करने पड़ते हैं। लेकिन जब एक ग्रामीण परिवार का लड़का IAS बनता है तो वह हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाता है। एक ग्रामीण परिवार के किसान के बेटे के लिए आईएएस बनना एक सपना ही होता है। लेकिन वह एक बार मन में ठान ले कुछ भी कर सकता है। हम आपको 2023 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार से परिचित करवा रहे हैं कि उन्होंने किस तरह बिहार के सहरसा जिले के गांव से देश की सबसे बड़ी नौकरी तक का सफर तय किया है।
अविनाश का परिचय
आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार बिहार के फारसिबगंज के बधुआ गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता एक किसान थे वह उनकी मां हाउसवाइफ है अविनाश ने दसवीं तक की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर,फारसिबगंज में की। मैट्रिक होने के बाद उन्होंने बोकारो से इंटर किया उन्होंने 10वीं मैं 10 सीजीपी वह 12वीं में 93 फ़ीसदी से ज्यादा मार्क्स हासिल किया अभी हाल ही में अविनाश के पिता शिक्षक की जॉब से रिटायर हुए हैं।
आईएएस अधिकारी अविनाश ने क्यों छोड़ी इंजीनियरिंग की जॉब
अविनाश कुमार ने इंटरमीडिएट के बाद कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके डिग्री हासिल की। वह एक अच्छे इंजीनियर बने उन्होंने 9.6 सीजीपीए के साथ इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। अविनाश ने ग्रेजुएशन के बाद पश्चिम बंगाल में एक पावर प्रोजेक्ट पर 11 महीने तक काम किया। लेकिन इंजीनियरिंग की जॉब के दौरान वह कुछ लोगों से मिले और तब लगा कि उन्हें यूपीएससी का एग्जाम देना चाहिए और वह आईएएस बनने का ख्वाब देखने लग गए लेकिन वह इंजीनियरिंग की जॉब करते यूपीएससी की परीक्षा को पास नहीं कर पाते इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग की जॉब को छोड़कर तैयारी करने के लिए दिल्ली आ गए। हालांकि उनके लिए यह आसान नहीं था एक अच्छी जॉब को छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली आने का फैसला थोड़ा सा मुश्किल था।
आखिर आईएएस अधिकारी अविनाश ने कितनी बार दी UPSC की परीक्षा?
आईएएस अधिकारी अविनाश जब यूपीएससी की परीक्षा तैयारी के लिए दिल्ली आए तब उन्हें थोड़ा डर भी लग रहा था। कि वह यूपीएससी की परीक्षा को पास भी कर पाएंगे या नहीं। जब उन्होंने 2020 में यूपीएससी प्रीलिम्स एक्जाम दिया तो वह क्लियर भी नहीं कर सके। लेकिन वह मेहनत करते रहे कई घंटे घंटे तक पढ़ाई करते रहे और यूपीएससी की लिए पूरी तरह समर्पित रहे। लेकिन उन्होंने अपना इरादा नहीं बदला और उन्होंने एक बार फिर 2021 में यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन इसमें भी वह सक्सेस प्राप्त नहीं कर पाए। इससे उनका हौसला एक बार डगमगाया जरूर लेकिन उन्होंने अपने आप को हारने नहीं दिया और अच्छी मेहनत करके 2022 में यूपीएससी प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू राउंड क्लियर करने में कामयाब रहे और उन्होंने ऑल इंडिया 70 भी रैंक हासिल की।
25 साल की उम्र में कैसे की यूपीएससी की परीक्षा क्लियर
अविनाश कुमार ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा महज 25 साल की उम्र में ही क्लियर की। वह भी ऑल इंडिया 17 सी रैंक के साथ। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का राज बताया। और कहा कि उन्हें शुरू से ही सेल्फ स्टडी अच्छी लगती है उसी को मेने हथियार बनाया और लगातार कई कई घंटो तक सेल्फ स्टडी करता रहा। लेकिन एक डायरेक्शन के लिए मैंने शुरुआत में कोचिंग की। अविनाश ने बताया यूपीएससी Aspirants को शुरू से ही गंभीर रूप से पढ़ाई शुरू कर देनी चाहिए व उन्हें लगातार कई घंटे तक पढ़ना चाहिए और सेल्फ स्टडी को ही अपना हथियार बनाना चाहिए क्योंकि बिना सेल्फ स्टडी के यूपीएससी की परीक्षा को क्लियर नहीं किया जा सकता।
