Dhanteras 2023 – हम सभी छोटे से थे तब से ही देखते आ रहे हैं कि हमारे घर में धनतेरस के दिन बर्तन, सोने,चांदी आदि खरीदे जाते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि धनतेरस आखिर मनायी क्यों जाती है इसको मनाने की पीछे का कारण क्या है? धनतेरस के इतिहास के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।आइए जानते हैं धनतेरस से जुड़ी रोचक महत्वपूर्ण बातें और पूजा का शुभ मुहूर्त।
धनतेरस का त्यौहार इस वर्ष देश भर में 10 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। इस दिन को खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है इस दिन सभी लोग अपनी इच्छा के अनुसार कोई ना कोई चीज जरूर खरीदते है माना जाता है कि धनतेरस के दिन लोग अपनी इच्छा से नये बर्तन, सोने के गहने,चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान,कार, बाइक खरीदते हैं। धनतेरस पर कुछ चीजों को खरीदने से बचना चाहिए। ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि इन चीजों को खरीदने से मां लक्ष्मी रूष्ठ हो जाती है जिससे घर में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है धनतेरस का त्यौहार कार्तिक मास कृष्ण की त्रयोदशी को आता है दिवाली के त्यौहार की शुरुआत धनतेरस से होती है धनतेरस शब्द दो शब्दों से मिलकर बना होता है पहला शब्द धन और दूसरा शब्द तेरस जिसका अर्थ होता है धन का 13 गुना होना। धनतेरस को धन्वंतरि त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। आईये जानते हैं कि धनतेरस के त्यौहार की शुरुआत कब हुई थी।
धनतेरस का इतिहास
पुरानी कथाओं के अनुसार धनतेरस के दिन सागर मंथन हुआ था। समुद्र मंथन के दौरान समुद्र मंथन से 14 चीजें प्रकट हुई थी जिसमें माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर समुद्र से प्रकट हुए थे। यह वह वक्त था जब देवता और असुर अमृत के साथ समुद्र पर यात्रा कर रहे थे जिस तिथि को भगवान धन्वंतरि समुद्र से प्रकट हुए थे वह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी इसी दिन आखिरी बार भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। जिसके बाद इस दिन से धनतेरस त्योहार की शुरुआत हुई थी।
धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त
धनतेरस का शुभ मुहूर्त 10 नवंबर को शाम 5:45 से शाम 7:43 तक है पूजा का समय लगभग 2 घंटे के लिए होगा इस दिन देवी लक्ष्मी ,गणेश ,धन्वंतरी भगवान कुबेर की पूजा की जाती है वही देवी सरस्वती देवी ,महालक्ष्मी और देवी महाकाली यह तीनों लक्ष्मी के ही रूप है धनतेरस के दिन इनकी भी पूजा की जाती है भगवान को फूल ,मलाई ,प्रसाद चढ़ाया जाता है प्रसाद में लापसी या आटे का हलवा, बूंदी के लड्डू चढ़ाए जाते हैं।
धनतेरस पर क्या नहीं खरीदना चाहिए?
धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ माना जाता है वहीं पर ज्योतिषाचार्य के अनुसार लोहे से बनी चीजों को भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। दरअसल लोहे का सीधा संबंध राहु और केतु से होता है ऐसे में धनतेरस के दिन लोहे से बनी चीजे घर पर लाने से राहु ग्रह की अशोक छाया पड़ सकती है ऐसा करने से घर में परेशानियां बढ़ने लग जाती है
धनतेरस के दिन कांच से बना बर्तन या अन्य सामान खरीदने से महालक्ष्मी रुष्ठ हो जाती है इसलिए कांच से बना बर्तन नहीं खरीदना चाहिए। कांच के समान का सीधा संबंध भी राहु ग्रह से होता है राहु ग्रह के घर में आने से दरिद्रता का वास होता है इससे बनते कार्य बिगड़ने लगते हैं।
धनतेरस की दिन प्लास्टिक के बर्तन नहीं खरीदनी चाहिए इसका संबंध शनि और राहु से माना गया है ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है
