Mahakumbh Cyber Fraud: एक तरफ जहां महाकुंभ की तैयारी पूरी हो चुकी है और पूरे के पूरे देश भर से भक्त कुंभ में भक्ति की महा डुबकी लगाने को तैयार है, तो वहीं दूसरी ओर, साइबर अपराधी भी तैयार हो चुके हैं भक्तों को ऑनलाइन लूटने के लिए. रुकने, ठहरने और आने-जाने की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर की जा रही है ठगी.
महाकुंभ में झूठी वेबसाइट
साइबर अपराधियों ने महाकुंभ के लिए महाजाल बिछाया है. अल इंटरनेट पर गेस्ट हाउस, होटल, और यहां तक की धर्मशाला के नाम पर अनेकों वेबसाइट और फेक लिंक बना दिए गए हैं. इन्हीं झूठी वेबसाइट और लिंक के माध्यम से महाकुंभ में आने वाले भक्तों को रुकने, ठहरने और आने जाने की सुविधा बेची जा रही है जो कि उन्हें कभी नहीं मिलने वाली. दरअसल यह लिंक किसी भी होटल, गेस्ट हाउस, और धर्मशाला का प्रतिनिधित्व नहीं करते और यह उनकी आधिकारिक वेबसाइट्स भी नहीं है.
करोड़ों श्रद्धालु आएंगे महाकुंभ
महाकुंभ 2025 अपने आप में ही खास है क्योंकि 144 साल बाद तक ऐसा कोई महाकुंभ आने वाला नहीं है और यही वजह है कि करोड़ों भक्त अपने जीवन में इस महाकुंभ में आने की अभिलाषा रखते हैं. महाकुंभ का आकाश 13 जनवरीसे होने वाला है, 45 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में स्नान करने दुनिया भर से करोड़ों भक्त आने वाले हैं एक अनुमान के तहत महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ भक्तों के आने की संभावना है. और यही कारण है किसाइबर अपराधी इसे एक सुनहरे मौके की तरह देख रहे हैं.
महाकुंभ में है ओवर बुकिंग
क्योंकि महाकुंभ 2025 में थोड़े लोग आने वाले हैं इस वजह से प्रयागराज की सभी होटल, गेस्ट हाउस, और धर्मशाला पहले से ही बुक हो चुकी है या फिर बहुत ही ऊंचे दामों पर वहां का किराया पहुंच गया है. इसी बात का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं जहां वह हमेशा की कीमतों पर रुकने, ठहरने, और आने-जाने की की सुविधाकम दामों पर देने की बात करके भक्तों को अपने ऑनलाइन जाल में फंसा रहे हैं.
महाकुंभ में ऐसे बचें
साइबर अपराधियों की गतिविधियों को देखते हुए प्रयागराज प्रशासन नेभक्तों की सुविधा के लिए आधिकारिक लिंक की एक सूची बनाई है जिसे महाकुंभ की वेबसाइट kumbh.gov.in/en/wheretostay पर देखा जा सकता है. इस वेबसाइट पर दी गई सूची में दी गई होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, के नाम और संपर्क नंबर के माध्यम से हीबुकिंग करानी के लिए कहा गया है.यदि कोई भी व्यक्ति साइबर अपराधियों का शिकार हो जाता है तो उसे तुरंत 1930 नेशनल हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत करनी चाहिए या फिर साइबर क्राइम की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है.
