Chandra Grahan – 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण का स्पर्श 28 अक्टूबर शनिवार की रात में 1:25 पर होगा। यह मध्य रात्रि में 1:44 पर होगा एवं इसका मोक्ष रात्रि 2:24 पर होगा। सूतक 28 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे से लग जाएंगे और ग्रहण समाप्त होने पर ही खत्म होंगे। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत के अलावा दूसरे एशियाई देश और विश्व के कई राष्ट्रों जैसे दक्षिण अफ्रीका उत्तरी अमेरिका ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर के भागों में भी दिखाई देगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण बिहार , उत्तर प्रदेश, कोलकाता, पटना, दिल्ली, मुंबई आदि कई राज्यों और शहरों में दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण का समय पूरे भारत के अंदर एक जैसा होने और स्पष्ट रूप से दृश्य होने के कारण धार्मिक और ज्योतिषीय की नजर से भी यह चंद्र ग्रहण महत्वपूर्ण है।
शरद पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण का एक साथ होना
जैसा कि आपको नाम से ही प्रतीत है शरद पूर्णिमा इस दिन भारतीयों में खीर बनाकर रात में पूर्णिमा की रोशनी में रखने का रिवाज है। परंतु इस बार शरद पूर्णिमा के दिन लोग खीर का भोग नहीं लगा पाएंगे। शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा से अमृत की जो वर्षा होती है इसी वजह से लोग चांद की रोशनी में खीर को रखते हैं लेकिन इस बार चंद्र ग्रहण के कारण लोग ऐसा नहीं कर पाएंगे। 28 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे से सूतक शुरू हो जाएगा और सूतक में मंदिर में पूजा पाठ वर्जित माना जाता है एवं मंदिर बंद रखे जाते हैं। लोग चंद्रग्रहण के कारण इस बार खीर बनाकर शरद पूर्णिमा के दिन रात में खीर नहीं रख सकते हैं इसलिए लोग चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद खीर बनाकर उसे सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं।
शरद पूर्णिमा की तिथि क्या है?
शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर लगेगी और 29 अक्टूबर की देर रात 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। 28 अक्टूबर को भारत में चंद्र ग्रहण की शुरुआत मध्य रात्रि 1 बजकर 5 मिनट से होगी और 2 बजकर 24 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा। जानकारों के मुताबिक चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण के शुरू होने 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ग्रहण खत्म होने के साथ ही सूतक खत्म होता है सूतक शाम में 4 बजकर 5 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा।
इन राशियों पर रहेगा चंद्र ग्रहण का असर, क्या रहेगी ग्रहों की स्थिति?
चंद्र ग्रहण पर ग्रहों की स्थिति अच्छी बताई जा रही है जिसमें चंद्रमा मेष राशि में राहु और बृहस्पति के साथ होंगे और केतु के साथ सूर्य, बुध, मंगल रहेंगे। चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा एवं सूर्य से प्रभावित होने वाले जातकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। साल का अंतिम चंद्रग्रहण मेष, कन्या, कर्क, वर्ष, तुला, व्रशिष, मकर और मीन राशि वालों के लिए कठिन समय वाला होगा। वहीं यदि आपकी राशि सिंह, मिथुन, धनु, कुंभ है तो यह ग्रहण आपके लिए आर्थिक स्थिति को बलवान करेगा और लाभ पहुंचाएगा।
चंद्रग्रहण सूतक काल में क्या न करें?
ग्रहण और सूतक के समय भगवान की किसी भी मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है इस समय पर नाखून काटना, सोना, खाना-पीना, भोजन बनाना और तेल लगाना आदि काम वर्जित माने गए हैं। सूतक के चालू होने से पहले ही दूध, दही, मुरब्बा, अचार या अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देने चाहिए जिससे यह खाद्य पदार्थ दूषित नहीं होंगे अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी काम में ले सकते हैं।
चंद्रगहण के समय और बाद में क्या करे? (Chandra Grahan & Sutak Kaal)
चंद्र ग्रहण के सूतक काल में दान और जप का बहुत अधिक महत्व माना गया है। पुराने के अनुसार ऐसा माना जाता है कि पवित्र नदी और सरोवर में स्नान किया जाना चाहिए और मित्रों का जाप किया जाने से शीघ्र लाभ की संभावना बनी रहती है और इस समय मंत्र की सिद्धी भी की जाती है। इस समय पर किए गए हवन, ध्यान, तीर्थ स्नान आदि कार्य कल्याणकारी सिद्ध होते हैं।
